Skip to content
Home » राजस्थानी भजन » राम सुमिरले सुमिरन करले यही मुक्ति का गैला

राम सुमिरले सुमिरन करले यही मुक्ति का गैला

राम सुमिरले सुमिरन करले,
यही मुक्ति का गैला,
भाई तेरा सतगुरू देरिया हैला।।

एक डाल दो पंछी बैठया,
कौन गुरू कौन चैला र,
गुरु की करनी गुरु भरेला,
चैला की करनी चैला र,
भाई तेरा सतगुरू देरिया हैला,
राम सुमिरलें सुमिरन करलें,
यही मुक्ति का गैला।।

मन माली का न बाग लगाया,
अदभुत बौदिया कैला र,
कच्चा पक्का की जात न जानी,
खाया फूल घनेरा र,
भाई तेरा सतगुरू देरिया हैला,
राम सुमिरलें सुमिरन करलें,
यही मुक्ति का गैला।।

राजाजी न कुण्ड खुदाया,
अधबीच रख दिया गैला र,
पापी नर तु नाल धोल,
धोल मन का मैला,
भाई तेरा सतगुरू देरिया हैला,
राम सुमिरलें सुमिरन करलें,
यही मुक्ति का गैला।।

कौडी कौडी माया जोडी,
जोड भरया एक थैला र,
कहत कबीर सुनो भाई साधो,
संग म ना जाये इक धैला र,
भाई तेरा सतगुरू देरिया हैला,
राम सुमिरलें सुमिरन करलें,
यही मुक्ति का गैला।।

राम सुमिरले सुमिरन करले,
यही मुक्ति का गैला,
भाई तेरा सतगुरू देरिया हैला।।

प्रेषक – धरम चन्द नामा।

Ram sumirle sumiran karle yahi mukti ka gaila Bhajan Lyrics