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ऐसे गरज रहे हनुमान की थर-थर कांप रही लंका लिरिक्स

ऐसे गरज रहे हनुमान,
की थर-थर कांप रही लंका,
कांप रही लंका,
की थर-थर कांप रही लंका,
ऐसें गरज रहें हनुमान,
की थर-थर कांप रही लंका।।

कहे मंदोदरी सुनो पिया जी,
मेरे मन में शंका,
कहे मंदोदरी सुनो पिया जी,
मेरे मन में शंका,
उनकी जानकी वापस दे दो,
अमर रहे लंका,
ऐसें गरज रहें हनुमान,
की थर-थर कांप रही लंका।।

एक लख पूत सवालख नाती,
काहे की चिंता,
एक लख पूत सवालख नाती,
काहे की चिंता,
मेघनाथ से पुत्र हमारे,
कुंभकरण भैया,
ऐसें गरज रहें हनुमान,
की थर-थर कांप रही लंका।।

पवन देव मेरी भरे हाजिरी,
इंद्र करे सेवा,
पवन देव मेरी भरे हाजिरी,
इंद्र करे सेवा,
अग्नि देव मेरी तपे रसोई,
ब्रम्हदेव सेवा,
ऐसें गरज रहें हनुमान,
की थर-थर कांप रही लंका।।

एक वानर लंका में आया,
उजड़ गई बगिया,
एक वानर लंका में आया,
उजड़ गई बगिया,
पेड़ उखाड़े प्रहरी मारे,
फूक गई लंका,
ऐसें गरज रहें हनुमान,
की थर-थर कांप रही लंका।।

ऐसे गरज रहे हनुमान,
की थर-थर कांप रही लंका,
कांप रही लंका,
की थर-थर कांप रही लंका,
ऐसें गरज रहें हनुमान,
की थर-थर कांप रही लंका।।

Singer – Shekhar Mourya

Aise Garaj Rahe Hanuman Bhajan Lyrics