सजा के कुमकुम माथे,
ओढ़े चुनर आई है,
शुभ स्वागत कर मिल सबने,
जयकार लगाई है,
हो जय जय शेरावाली,
हो जय जय ज्योतावाली,
हो जय जय अंबे काली,
तेरी शक्ति बलशाली।।
ममता की मूरत अलबेली,
निर्मल रूप है तेरा,
ऐसी सुंदर आभा तेरी,
जैसे चांद सुनहरा,
नील गगन से सबको,
दर्शन देने आई है,
शुभ स्वागत कर मिल सबने,
जयकार लगाई है,
हो जय जय शेरावाली,
हो जय जय ज्योतावाली,
हो जय जय अंबे काली,
तेरी शक्ति बलशाली।।
नवरात्रों के दिन ये पावन,
मां को बहुत लुभाए,
छोड़ सिंहासन अपने दर का,
भक्तों संग रम जाए,
प्यार भरा न्योता पाकर,
मां खींची आई है,
शुभ स्वागत कर मिल सबने,
जयकार लगाई है,
हो जय जय शेरावाली,
हो जय जय ज्योतावाली,
हो जय जय अंबे काली,
तेरी शक्ति बलशाली।।
नवदुर्गा की छाया से ही,
सब संकट मिट जाते,
मिल जाता बैकुंठ धरा पे,
जो भी इनको ध्याते,
“नेहा” ने भी कृपा मां की,
भर भर पाई है,
“प्रतीक” ने भी कृपा मां की,
भर भर पाई है,
शुभ स्वागत कर मिल सबने,
जयकार लगाई है,
हो जय जय शेरावाली,
हो जय जय ज्योतावाली,
हो जय जय अंबे काली,
तेरी शक्ति बलशाली।।
सजा के कुमकुम माथे,
ओढ़े चुनर आई है,
शुभ स्वागत कर मिल सबने,
जयकार लगाई है,
हो जय जय शेरावाली,
हो जय जय ज्योतावाली,
हो जय जय अंबे काली,
तेरी शक्ति बलशाली।।
Singer – Prateek Mishra