रंग रंगीला फागण आया,
झूम रहा संसार है,
होली का त्यौहार है,
रंगो की बहार है।।
खूब सजा दरबार है,
खूब सजा सरकार है,
सिंहासन पर बैठा हुआ,
हंस रहा लखदातार है,
स्वर्ग के जैसे लगे नज़ारा,
इतर की फुहार है,
होली का त्यौहार है,
रंगो की बहार है।।
दूर दूर से दीवाने,
खाटू नगरी आये है,
रींगस से पैदल चलकर,
संग निशान लाये है,
चारो दिशाओं में बाबा की,
गूँज रही जयकार है,
होली का त्यौहार है,
रंगो की बहार है।।
ढोल नगाड़े चंग बजे,
गा रहे सभी धमाल है,
पिचकारी है हाथ में,
उड़ रहा रंग गुलाल है,
कहता ‘मोहित’ प्रेम रंग का,
ऐसा ये उपहार है,
होली का त्यौहार है,
रंगो की बहार है।।
रंग रंगीला फागण आया,
झूम रहा संसार है,
होली का त्यौहार है,
रंगो की बहार है।।
Singer – Mayank Aggarwal
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