Skip to content
Home » हनुमान भजन » जो भी अपने बचपन से सुंदरकांड गाते है

जो भी अपने बचपन से सुंदरकांड गाते है

जो भी अपने बचपन से,
सुंदरकांड गाते है,
बाबा बजरंग उनके,
जीवन बनाते है।।

राम जी के कामों में,
आगे जो हो जाते है,
बाबा के दीवाने ऐसे,
सबके काम आते है,
दुनिया की बुराई से,
दूर रह जाते है,
शाम का समय अपना,
भक्तों संग बिताते है।।

राघव की शरण में जो,
आकर बैठ जाते है,
बाबा की कृपा से सब,
कष्ट मिट जाते है,
जो भी अपने बचपन से,
सुंदरकांड गाते है।।

स्वर / लेखनी – शुभम-सुमित शर्मा ब्रदर्स।

Jo bhi apne bachpan se sunderkand gaate hai Bhajan Lyrics